उत्तराखंड में मौसम ने बदली करवट, पांच पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी का अलर्ट

उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बारिश की संभावना, चारों धामों में तापमान शून्य से नीचे पहुंचा।

उत्तराखंड में नवंबर की शुरुआत के साथ ही मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड का असर तेजी से बढ़ने लगा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार सोमवार 2 नवंबर को राज्य के पांच पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही लगभग 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी हो सकती है। मौसम में आए इस बदलाव का असर खासतौर पर चारधाम क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान लगातार गिर रहा है और सुबह तथा रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी होने से ठंड और बढ़ सकती है। मौसम संबंधी रिपोर्ट में चारों धामों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने की जानकारी दी गई है। केदारनाथ में तापमान लगभग माइनस 8 डिग्री, बदरीनाथ में माइनस 9 डिग्री, गंगोत्री में माइनस 12 डिग्री और यमुनोत्री में माइनस 7 डिग्री तक पहुंचने की सूचना है। ऐसे में इन क्षेत्रों में रहने वाले कर्मचारियों, स्थानीय लोगों और यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

दूसरी ओर देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने और दिन में धूप निकलने का अनुमान है। हालांकि सुबह के समय कुछ घाटियों में हल्का कोहरा छा सकता है। नैनीताल और मसूरी में भी दिन के समय मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रह सकता है, लेकिन शाम होते ही ठंड बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 3 नवंबर से 7 नवंबर के बीच प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से साफ और शुष्क रहने की उम्मीद है। पहाड़ों में जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय यात्रियों को गर्म कपड़े रखने, सड़क की स्थिति की जानकारी लेने और मौसम संबंधी सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

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