उत्तराखंड में बाइक और स्कूटी चालकों के लिए सख्ती, पीछे बैठने वाले ने हेलमेट नहीं पहना तो 1000 रुपये का चालान

परिवहन विभाग ने हाईवे पर ऑनलाइन चालान की कार्रवाई शुरू की, एएनपीआर कैमरों से पकड़े जा रहे नियम तोड़ने वाले वाहन।

उत्तराखंड में दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए यातायात नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। अब बाइक या स्कूटी पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति के हेलमेट नहीं पहनने पर भी वाहन स्वामी का चालान किया जा सकता है। परिवहन विभाग ने हाईवे पर ऐसे वाहनों के खिलाफ ऑनलाइन चालान की कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोट गंभीर परिणामों का कारण बनती है। ऐसे में केवल वाहन चालक ही नहीं, बल्कि पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी हेलमेट पहनना जरूरी है। प्रदेश में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है।

मोटर वाहन अधिनियम के तहत दोपहिया वाहन पर चालक और पीछे बैठने वाली सवारी दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। नियम का उल्लंघन करने पर एक हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। परिवहन विभाग ने हाईवे पर लगे अत्याधुनिक सीसीटीवी और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन यानी एएनपीआर कैमरों की मदद से निगरानी शुरू की है। इन कैमरों के माध्यम से बिना हेलमेट चल रहे दोपहिया वाहनों की पहचान की जा रही है। इसके बाद वाहन के पंजीकरण नंबर के आधार पर ऑनलाइन चालान तैयार कर वाहन स्वामी के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेजा जा रहा है। अपर आयुक्त शैलेश कुमार तिवारी के अनुसार यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखकर की जा रही है।

इस व्यवस्था के बाद दोपहिया वाहन चालकों को यात्रा से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके साथ बैठा व्यक्ति भी हेलमेट पहनकर ही सफर करे। कई बार लोग केवल पुलिस चेकिंग के दौरान चालक के हेलमेट पर ध्यान देते हैं और पीछे बैठी सवारी को बिना हेलमेट यात्रा करने देते हैं। लेकिन कैमरों से निगरानी होने के कारण अब ऐसी लापरवाही पर भी कार्रवाई हो सकती है। खासतौर पर हाईवे पर लंबी दूरी की यात्रा करने वालों को नियमों का पालन करना चाहिए। हेलमेट केवल चालान से बचने का साधन नहीं, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में जीवन बचाने वाला सुरक्षा उपकरण है।

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