कंटेनर ट्रक कार पर पलटने से एक परिवार के चार लोगों की मौत हुई थी; इससे पहले एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई।
देहरादून के मोहब्बेवाला क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून-पांवटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए भीषण सड़क हादसे के मामले में पुलिस ने एक और मुकदमा दर्ज किया है। हादसे में कंटेनर ट्रक के कार पर पलट जाने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई थी। शुक्रवार को पुलिस ने मृतकों के परिजन की शिकायत पर अज्ञात कंटेनर ट्रक चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। हादसे के बाद से ही दुर्घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर जांच की जा रही है। इस घटना में कार सवार परिवार को गंभीर नुकसान हुआ, जबकि छह साल के एक बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया था। दुर्घटना ने एक बार फिर इस मार्ग पर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
इससे पहले पुलिस ने इसी स्थान पर बार-बार हो रही दुर्घटनाओं और कथित असुरक्षित निर्माण को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण तथा लोक निर्माण विभाग के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि दुर्घटना के समय सड़क की स्थिति कैसी थी, निर्माण कार्य या यातायात प्रबंधन में कोई लापरवाही हुई थी या नहीं और ट्रक चालक की भूमिका क्या रही। अलग-अलग एफआईआर दर्ज होने से जांच का दायरा बढ़ गया है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने भी सड़क पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए हैं।
मोहब्बेवाला मार्ग देहरादून को दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने वाले प्रमुख रास्तों में शामिल है। इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही, तेज रफ्तार और निर्माण गतिविधियों के कारण सड़क सुरक्षा को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे व्यस्त मार्गों पर यातायात संकेतक, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षित निर्माण व्यवस्था और भारी वाहनों की निगरानी जरूरी है। पुलिस की जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल पुलिस ट्रक चालक की पहचान और दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। इस हादसे ने सड़क निर्माण एजेंसियों और वाहन चालकों दोनों की जवाबदेही को फिर चर्चा में ला दिया है।
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