उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी है. झमाझम बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली.![]()
हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही थी. हरिद्वार में इस बार 42 डिग्री तक तापमान पहुंच गया था. लेकिन आज अचानक हुई तेज बारिश से हरिद्वार के लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली. वर्ष के कारण कई ज्वालापुर क्षेत्र में तो जलभराव हो गया. जहां पिछले कई दिनों से हो रही भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली तो वहीं कई जगहों पर जलभराव से लोगों को परेशानी भी झेलनी पड़ी. फिलहाल भी तेज बारिश होने का सिलसिला जारी है. हालांकि नगर निगम प्रशासन ने नालों की सफाई करानी शुरू कर दी है लेकिन मानसून से पहले हुई बारिश से कई जगहों पर जलभराव हो गया है.
बारिश से गर्मी से मिली राहत: दरअसल पिछले कई दिनों से हरिद्वार में पारा आसमान छू रहा था और भीषण गर्मी से लोग परेशान था. आज शुक्रवार को सुबह आसमान में हल्के बादल छाए हुए थे. सुबह साढ़े दस बजे करीब अचानक मौसम बदला और देखते ही देखते आसमान में काले बादल छाने लगे और फिर झमाझम बारिश होने लगी. अचानक हुई बारिश से लोगो को पिछले कई दिनों से हो रही भीषण गर्मी से राहत मिली है. वहीं बारिश इतनी तेज हुई कि कई जगहों पर जलभराव हो गया. हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र में तो जलभराव हो गया. जिसके चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा.
42 डिग्री रिकॉर्ड किया गया अधिकतम तापमान: हरिद्वार में पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही थी. लू के कारण लोगों का घर से बाहर तक निकलना मुश्किल हो गया था. हरिद्वार में इस बार अधिकतम 42 डिग्री सेंटीग्रेड तक तापमान पहुंच गया था. पिछले कई दिनों से 38 और 39 डिग्री सेंटीग्रेड के बीच तापमान के चलते लोगों को गर्मी से परेशानी हो रही थी. लेकिन शुक्रवार को अचानक मौसम ने करवट ली और हरिद्वार में झमाझम तेज बारिश होने लगी. बारिश के कारण जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति भी देखने को मिली. खासकर जल भराव से हरिद्वार का ज्वालापुर क्षेत्र खासा प्रभावित दिखाई दिया.
मानसून से पहले शहर के सभी नालों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है और जल्द ही सभी नालों की सफाई का कार्य पूरा कर लिया जाएगा.
-नंदन कुमार, नगर आयुक्त-
मार्केट में जलभराव की समस्या: हरिद्वार के ज्वालापुर बाजार में जल भराव की समस्या तीन दशक पुरानी है. जब भी तेज बारिश होती है, तभी यहां की सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं. स्थानीय लोगों और व्यापारियों का आरोप है कि मानसून से पहले समय पर नालों की सफाई न होने से यह समस्या और भी ज्यादा परेशान करती है. अभी तो मानसून सीजन की शुरुआत भी नहीं है और हल्की सी बारिश में ही सड़कों पर पानी भर गया. राहगीरों के साथ साथ दुकानदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ी. लोगो की मांग है कि ज्वालापुर क्षेत्र में बड़ा और ठोस ड्रेनेज प्लान बनाने की आवश्यकता है, ताकि इस समस्या का स्थाई समाधान हो सके.
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