नीट पेपर लीक 2026 में केंद्र सरकार की फजीहत हो रही है. विस्तार से पढ़ें.![]()
नई दिल्ली: नीट पेपर लीक 2026 मामले पर केंद्र सरकार बैकफुट पर आती दिख रही है. इस पर विपक्ष लगातार मोदी सरकार पर दबाव बना रहा है. वहीं, इस मुद्दे पर पीएम मोदी ने आज गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है.
जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने सख्त तेवर अपनाते हुए यह ऐलान किया है कि यह केस अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में जाएगा. बता दें, उनका मकसद पेपर लीक के आरोपियों को जल्दी से जल्दी सजा दिलाना है. पीएम मोदी ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत काम शुरू करने के आदेश भी दे दिए हैं. इससे पहले जब मंगलवार को एनडीए की ‘मंगल मिलन बैठक” हुई थी, तब भी प्रधानमंत्री ने कहा था कि देश के युवाओं का भविष्य हमारी सरकारी की प्राथमिकता है.
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इसके लिए जो भी फैसले लेने होंगे वे लिए जाएंगे और किसी भी छात्र का नुकसान नहीं होगा. पीएम मोदी ने इस बात की जानकारी सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट शेयर करके दी. उन्होंने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि हमारे युवाओं की भलाई और भविष्य से ज़्यादा जरूरी कुछ नहीं है! हमने पेपर लीक में शामिल लोगों को जल्दी और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का फैसला किया है. संबंधित अधिकारियों और अधिकारियों को इस बारे में सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है. यह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए हमारे कदमों का सिलसिला जारी रखता है. जो लोग हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा.पीएम मोदी ने साफ चेतावनी देते हुए दोबारा कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है. वह इससे पीछे नहीं हटेंगे. इसके साथ-साथ जिन लोगों ने यह हिमाकत की है उन्हें कठोर सजा हर हाल में मिलेगी. वे बख्शे नहीं जाएंगे. उन्होंने कहा कि इसी के चलते फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया है. प्रधानमंत्री मोदी का यह फैसला छात्रों के लिए राहत भरा कहा जा सकता है क्योंकि देश के लाखों छात्र हर साल नीट परीक्षा में शामिल होते हैं.
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