वन विभाग द्वारा विगत वर्ष 2024-25 से फारेस्ट फायर उत्तराखण्ड मोबाइल एप का प्रयोग वनाग्नि प्रबन्धन में किया जा रहा है। वर्तमान में FSI से प्राप्त सूचना प्रणाली में विभाग को नासा सेटेलाईट के माध्यम से आरक्षित वन क्षेत्र एवं Forest Cover Map के अन्तर्गत ही Fire Points की सूचना FSI द्वारा दी जाती है।
प्रदेश में आरक्षित वन सीमा के निकट कृषि भूमियों में सेटलाईट से आग की सूचना एवं उक्त के द्वारा घटित वनाग्नि की सूचना प्राप्त करने हेतु कोई तकनीक उपलब्ध नहीं है। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए चकराता वन प्रभाग द्वारा Forest Fire Uttarakhnad Mobile App का उच्च संस्करण Develop किया गया है, जिसके अन्तर्गत Near Forest Alert का प्राविधान है।
इस तकनीक के माध्यम से आरक्षित वन क्षेत्र के निकट निजी/नाप भूमि के अन्तर्गत लगाई गई अग्नि की जी0पी0एस0 सूचना NASA, MODIS, VIIRS , SNPP सेंसर के माध्यम से उपलब्ध करायी गई सूचना को Near Forest Alert के नाम से प्रदर्शित किया जायेगा। इस Pilot project के माध्यम से जंहा एक ओर निजी/नाप भूमि में अग्नि के कारण हुई वनाग्नि की घटना के क्षेत्रों की पहचान की जा सकेगी जिससे वन अपराधों के अन्वेषण में सहायता मिलेगी, वहीं दूसरी ओर कालान्तर में ऐसे ग्रामों की पहचान की जा सकेगी, जहां निरन्तर ग्रामीणों द्वारा वन क्षेत्र के निकट आड़ा जलाया जा रहा है ताकि उन क्षेत्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर जन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सके। वर्तमान में इस तकनीक को ट्रायल के तौर पर प्रदेश के 04 वन प्रभागों – टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं जोशीमठ में गहन परीक्षण एवं फील्ड वेरिफिकेशन किया जाएगा जिसके उपरांत इसे प्रदेश भर के अन्य वन प्रभागों में प्रयोग में लाया जाएगा। फॉरेस्ट फायर उत्तराखंड मोबाइल ऐप के इस संस्करण की विशेषता ये भी है के इसके माध्यम से सम्बन्धित ग्राम प्रधानों एवं राजस्व विभाग के कर्मचारियों को भी वन अग्नि काल में खेत/निजी भूमि में आडा जलने की सूचना तत्काल मिल जाएगी जिससे वन अग्नि की घटनाओं के रोकथाम में भी सहायता मिलेगी।
You may also like
-
एडवांस्ड हेल्थ ट्रैकिंग फ़ीचर्स के साथ लॉन्च हुईं Samsung Galaxy Watch Ultra2 और Galaxy Watch9
-
चारधाम यात्रा पर मंडरा रहा बारिश का खतरा, अगले 3-4 दिन बेहद संवेदनशील, रहें सतर्क
-
चारधाम यात्रा पर मंडरा रहा बारिश का खतरा, अगले 3-4 दिन बेहद संवेदनशील, रहें सतर्क
-
पेपर लीक आक्रोश के बीच उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय परीक्षा के दो पेपर ऑउट, एग्जाम रद्द, 12 इंजीनियरिंग संस्थानों पर प्रभाव
-
नीट पेपर लीक 2026 पर पीएम मोदी का बड़ा ऐलान- फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई