देहरादून में कड़ाके की ठंड, कोहरे और शीत लहर के कारण जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। संभावित आपदा से निपटने के लिए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की आकस्मिक व अर्जित छुट्टियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर, अधिकारियों को मुख्यालय में रहना अनिवार्य होगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
जनपद में लगातार बढ़ रही कड़ाके की ठंड, कोहरा और शीत लहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। आपदा की संभावित स्थिति से त्वरित निपटान सुनिश्चित करने के लिए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की आकस्मिक व अर्जित छुट्टियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है।
जिलाधिकारी एवं जनपद आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष सविन बंसल के निर्देश पर जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि शीतकालीन आपात स्थिति के दृष्टिगत सभी जिला स्तरीय अधिकारियों का मुख्यालय में रहना अनिवार्य होगा। बिना पूर्व अनुमति के कोई भी अधिकारी अवकाश पर नहीं जा सकेगा।
प्रशासन की ओर से कहा गया है कि ठंड के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है और ऐसे में किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक अमले की तत्परता आवश्यक है। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की विभिन्न धाराओं के तहत यह निर्णय लिया गया है, ताकि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
आदेश के अनुपालन की जिम्मेदारी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को सौंपी गई है, जिन्हें सभी अधिकारियों तक आदेश की प्रति पहुंचाने और दूरभाष के माध्यम से भी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे और कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं।
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