मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज बागेश्वर दौरे पर हैं, जिसको लेकर प्रशासन और भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है। गरुड़ पहुंचने पर उनका स्वागत किया जाएगा, जिसके बाद वे बैजनाथ में प्रबुद्धजनों, खिलाड़ियों और स्थानीय प्रतिनिधियों से मिलेंगे। वे खेल सुविधाओं और अन्य मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे और बागेश्वर में समीक्षा बैठकों में भाग लेंगे।
जिले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आगमन को लेकर पूरे प्रशासन और भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। थोड़ी देर में मुख्यमंत्री हेलिकॉप्टर से गरुड़ पहुंचने वाले हैं। उनके स्वागत के लिए भाजपा कार्यकर्ता, वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी हेलिपैड पेला गुनाली में पूरी तरह तैयार नजर आए।
हेलीपैड से मुख्यमंत्री का काफिला सीधे टीआरसी बैजनाथ की ओर रवाना होगा। यहां वे प्रवद्धजनों, खेल जगत से जुड़े खिलाड़ियों, स्थानीय प्रतिनिधियों व विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों से विस्तारपूर्वक मुलाकात और वार्ता करेंगे।
खिलाड़ियों के साथ संवाद के दौरान खेल सुविधाओं, भविष्य की योजनाओं तथा उनकी समस्याओं पर भी चर्चा की उम्मीद है। इसके बाद मुख्यमंत्री पार्टी कार्यकर्ताओं से विशेष बैठक में मुलाकात करेंगे। कार्यक्रम पूर्ण होने पर उनका काफिला जिला मुख्यालय बागेश्वर के लिए रवाना होगा, जहां विभिन्न स्तरीय समीक्षा बैठकों और जनसंपर्क कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित है। जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटा हुआ है।
कांग्रेस नेता बालकृष्ण नजरबंद
बागेश्वर : मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के प्रस्तावित दौरे से पहले जिले में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। इसी क्रम में पुलिस ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालकृष्ण को नजरबंद कर लिया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस को आशंका थी कि बालकृष्ण मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाकर विरोध जताने की कोशिश कर सकते थे।
बताया जा रहा है कि सुबह ही पुलिस टीम उनके आवास पहुंची और एहतियातन उन्हें हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में रोष है। उनका कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन सरकार विरोध की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
पुलिस प्रशासन का तर्क है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया गया। साथ ही किसी भी अनियंत्रित स्थिति को रोकने के लिए संवेदनशील व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है। इधर, कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया है और जल्द ही इस मुद्दे पर बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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