उत्तराखंड राज्य की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए पुलिस विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष “रजत जयंती पदक” देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह घोषणा करते हुए पुलिस बल की सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा, “उत्तराखंड पुलिस ने राज्य के निर्माण से लेकर अब तक कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। यह पदक न केवल उनके समर्पण का प्रतीक होगा, बल्कि उन्हें गर्व और सम्मान की भावना से भी जोड़ेगा।”
यह विशेष पदक राज्य स्थापना की रजत जयंती (Silver Jubilee) के प्रतीक के रूप में तैयार किया जाएगा और इसमें उत्तराखंड राज्य के चिन्ह, ’25वीं वर्षगांठ’ और पुलिस सेवा के प्रतीक शामिल होंगे। पदक वितरण समारोह 9 नवंबर 2025 को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित किए जाने की संभावना है।
राज्य सरकार का यह निर्णय पुलिस कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने और उनके योगदान को मान्यता देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
पुलिस महानिदेशक (DGP) ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय पुलिस विभाग के सभी स्तरों पर उत्साह और गौरव का भाव उत्पन्न करेगा। उन्होंने कहा कि यह पदक हर उस अधिकारी और कर्मचारी को दिया जाएगा जो 9 नवंबर 2025 तक राज्य पुलिस बल में कार्यरत होगा।
पृष्ठभूमि में:
उत्तराखंड की स्थापना 9 नवंबर 2000 को हुई थी। यह वर्ष राज्य के लिए खास है क्योंकि उत्तराखंड अपनी 25वीं वर्षगांठ, यानी रजत जयंती मना रहा है। इस अवसर पर राज्य भर में कई कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है।
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