चार धाम यात्रा को लेकर पुलिस विभाग इस बार पूरी तरह से मुस्तैद है। यात्रा से पूर्व जहां पुलिसकर्मियों को पोस्टों पर तैनात किया जा रहा है, वहीं पिछले सालों के मुकाबले अधिक पुलिस बल लगाया गया है। इस बार एसडीआरएफ की 30 पोस्ट बनाई गई हैं। यदि चारधाम यात्रा मार्ग पर कहीं से हादसे की सूचना मिलती है तो एसडीआरएफ टीम अधिकतम दो घंटे से पूर्व घटनास्थल पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू कर देगी।
हादसा होने पर देरी से पहुंचती है रेस्क्यू टीम
एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा के अनुसार, हर वर्ष चार धाम यात्रा के दौरान यात्रा मार्गों पर एसडीआरएफ तैनात रहती है। कई बार दुर्गम क्षेत्र में हादसा होने पर रेस्क्यू टीम देरी से पहुंचती है, जिसके कारण घायलों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। पूर्व की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए इस बार ऐसी जगहों पर पोस्टें बनाई गई हैं, जहां दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र पड़ता है। ताकि हादसे की सूचना मिलते है तो टीम तुरंत रेस्क्यू के लिए पहुंच सके। अधिकतम दो घंटे में टीम को घटनास्थल पर पहुंचना होगा।
5282 पुलिस अधिकारी व कर्मचारी संभालेंगे यात्रा व्यवस्था
आइजी गढ़वाल करन सिंह नगन्याल ने बताया कि इस वर्ष पुलिस विभाग की ओर से 5282 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी चार धाम यात्रा में लगाई गई है। इसमें सिविल पुलिस, आर्म्ड पुलिस, पीएसी, ट्रैफिक पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड, पीआरडी व जल पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी पुलिसकर्मियों को पांच मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग व चमोली में अपने पोस्टों पर पहुंचने के निर्देश जारी किए गए हैं। पिछले वर्ष कई जिलों से समय से पुलिसकर्मी रिलीव नहीं हुए, जिसके कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बार पांच मई को सभी पुलिसकर्मियों की तीनों जिलों में ब्रीफिंग होगी और इसके बाद वह अपनी-अपनी ड्यूटी पर चले जाएंगे।
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