गंगा और तीर्थनगरी को स्वच्छ रखने के लिए विशेष अभियान, 32 सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं को जिला प्रशासन ने किया सम्मानित।
हरिद्वार में वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियों के बीच स्वच्छता अभियान को गति दी जा रही है। गंगा और तीर्थनगरी को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान में अब तक 13 हजार से अधिक लोग भागीदारी कर चुके हैं। अभियान के पहले चरण में करीब 100 मीट्रिक टन कचरा एकत्र किया गया। जिला प्रशासन ने इस कार्य में सहयोग देने वाली 32 संस्थाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। अधिकारियों के अनुसार एकत्रित कचरे को उचित निस्तारण के लिए नगर निगम को भेजा गया है। इस अभियान में सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं के साथ स्थानीय नागरिकों, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न संगठनों ने भी सहयोग किया।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र ने अभियान में भाग लेने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय सहयोग की अपील की। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर मेला अधिकारी सोनिका और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के नेतृत्व में यह अभियान चलाया जा रहा है। इसमें नमामि गंगे, नगर निगम, स्वजल, जिला पंचायत, संत समाज, व्यापारिक प्रतिष्ठान और स्वयंसेवी संस्थाएं शामिल हैं। अभियान का उद्देश्य केवल कचरा हटाना नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
कुंभ मेले के दौरान हरिद्वार में देशभर से करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में गंगा घाटों, सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी। अभी से सफाई व्यवस्था को मजबूत करने से भविष्य में बेहतर प्रबंधन में मदद मिल सकती है। इसके लिए कचरे का पृथक्करण, नियमित उठान, प्लास्टिक नियंत्रण और सार्वजनिक शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था जरूरी है। स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की भागीदारी के बिना किसी भी स्वच्छता अभियान को लंबे समय तक सफल बनाए रखना कठिन है।
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