सांसदों के पाला बदलने की खबरों पर राउत ने एक्स पर लिखा, ‘अपना सपना मनी मनी! यह चौंकाने वाला और घिनौना है.’![]()
मुंबई: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने मंगलवार को आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में पार्टी सांसदों को पाला बदलने और डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे के ग्रुप में शामिल होने के लिए हर एक को 15 करोड़ रुपये तक का ऑफर दिया जा रहा है.
राउत ने एक्स पर लिखा, ‘अपना सपना मनी मनी! यह चौंकाने वाला और घिनौना है कि महाराष्ट्र के सांसदों को आज रात पाला बदलने के लिए हर एक को 15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है.’ उनकी टिप्पणी शिव सेना (यूबीटी) के भीतर संभावित अशांति की अटकलों और कुछ सांसदों के पार्टी से अलग होने की खबरों के बीच आई है.
इससे पहले दिन में राउत ने उन खबरों को खारिज कर दिया था जिसमें कहा गया था कि उनकी पार्टी के पांच सांसद एक अलग गुट बना सकते हैं. उन्होंने टिप्पणी की कि सांसदों ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया और उनके नेतृत्व में विश्वास जताया.
राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘यह झूठ है. हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है. चार दिन पहले इन सभी सांसदों ने उद्धव ठाकरे की बुलाई मीटिंग में हिस्सा लिया था और उनकी लीडरशिप में भरोसा जताया था. उनमें से कुछ नेताओं ने अपने प्रियजनों की कसम खाकर उद्धव को सपोर्ट करने का वादा किया था.’
शिवसेना लीडर शाइना एनसी ने भी अपनी पार्टी द्वारा विरोधी पॉलिटिकल पार्टियों से दलबदल कराने के किसी भी कथित कदम के बारे में अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी पार्टी को तोड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है. शाइना ने एएनआई को बताया, ‘हमें किसी भी पार्टी को तोड़ने में कोई दिलचस्पी नहीं है. हमारे लीडर एकनाथ शिंदे की पॉपुलैरिटी सभी ने देखी है, क्योंकि वह आम लोगों के प्रति वफादार हैं और जमीनी स्तर पर काम करते हैं. वह घर से काम नहीं करते हैं.’
लेकिन, शिवसेना एमएलसी कृपाल तुमाने ने पार्टी में 2022 के बंटवारे को दोहराते हुए ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा को हवा दी. तुमाने ने दावा किया कि यूबीटी के सात सांसदों के साथ बातचीत आखिरी स्टेज पर पहुँच गई है और कहा कि वे संसद के आने वाले मानसून सत्र से पहले शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं.
महाराष्ट्र में अभी ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चा चल रही है, ऐसी अटकलें हैं कि यूबीटी के नौ में से सात सांसद एकनाथ शिंदे की शिवसेना के संपर्क में हैं और सत्ताधारी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं. 2022 में शिंदे, कई विधायकों के साथ उद्धव ठाकरे से अलग हो गए थे, जिससे पार्टी दो हिस्सों में बँट गई थी.
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