पीएम मोदी ने नथिंग के को-फाउंडर को बताया कि भारतीय दर्शन में शून्य को अनंत संभावनाओं की अवस्था माना जाता है.
हैदराबाद: फ्रांस के नीस शहर में आयोजित इवेंट Bharat Innovates 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लंदन स्थित टेक्नोलॉजी कंपनी Nothing के को-फाउंडर और इंडिया प्रेसिडेंट Akis Evangelidis की मुलाकात हुई. इन दोनों की बातचीत का एक खास किस्सा सामने आया, जिसने सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटौर ली हैं.
दरअसल, अकिस ने इस मुलाकात की एक तस्वीर को एक्स पर शेयर किया और बताया कि प्रधानमंत्री ने उनसे एक ऐसा सवाल पूछा जो उनकी कंपनी को अक्सर सुनने को मिलता है, कि हमने अपनी कंपनी का नाम Nothing क्यों रखा?
पीएम मोदी का अनोखा नज़रिया
एकिस ने अपनी पोस्ट में लिखा कि यह बातचीत उनके लिए बेहद खास रही, क्योंकि इस बार जवाब उनसे नहीं, बल्कि खुद प्रधानमंत्री ने दिया. पीएम मोदी ने बताया कि भारतीय दर्शन में ‘शून्य’ यानी Nothingness को दरअसल ‘सब कुछ’ माना जाता है. यह अनंत संभावनाओं की एक ऐसी अवस्था है, जहां से हर चीज़ का जन्म होता है.
इस गहरे दार्शनिक दृष्टिकोण ने अकिस (Akis Evangelidis) को काफी प्रभावित किया और उन्होंने कहा कि यह बात उनके मन में हमेशा रहेगी. सोशल मीडिया पर भी इस बातचीत की काफी चर्चा हो रही है. लोगों ने इसे भारत की बौद्धिक परंपरा को इस नज़रिए से जोड़कर देखा. इस कार्यक्रम में Infosys के को-फाउंडर नारायण मूर्ति समेत कई बड़े उद्योगपति और टेक लीडर्स भी मौजूद थे.
IIT Roorkee और IISc के साथ MoU
इसी कार्यक्रम के दौरान नथिंह ने भारत के दो बड़े शैक्षणिक संस्थानों के साथ रणनीतिक समझौते यानी MoU साइन किए. ये समझौते IIT Roorkee और Indian Institute of Science के तहत काम करने वाली संस्था Foundation for Science, Innovation and Development यानी FSID के साथ हुए. IIT Roorkee के निदेशक प्रोफेसर के.के. पंत और IISc के निदेशक प्रोफेसर गोविंदन रंगराजन के साथ Evangelidis ने इन MoU पर साइन किए.
आईआईटी रूड़की के साथ हुए समझौते के तहत नथिंग के विशेषज्ञ छात्रों को गेस्ट लेक्चर, केस स्टडी और एंटरप्नोयरशिप से जुड़े सेशन के ज़रिए गाइडेंस देंगे. इसके अलावा एक Joint Industrial Design Challenge आयोजित करने की भी प्लानिंग है, जिससे छात्रों को कंज़्यूमर टेक्नोलॉजी डिज़ाइन का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा. IISc-FSID के साथ हुए समझौते में नथिंग उनके इनक्यूबेटर में मौजूद स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, नेटवर्किंग और कमर्शियल सहयोग के मौके देगी. कंपनी के फैसिलिटी विज़िट और ट्रेनिंग प्रोग्राम भी इस साझेदारी का हिस्सा होंगे.
नथिंग के लिए भारत बेहद अहम बाज़ार है. यहां कंपनी अपने कई प्रोडक्ट्स का निर्माण भी करती है और लगातार इस बाज़ार में अपनी पकड़ मज़बूत कर रही है. एकिस ने कहा कि भारत में अगली बड़ी इनोवेशन वेव अकादमिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री के मिलकर काम करने से आएगी. इन पार्टनशिप्स का मकसद यही है कि भारत की प्रतिभा को ग्लोबल स्टेज पर मान्यता मिले और सही मौके मिले. भारत इनोवेट्स 2026 इवेंट को भारत के शिक्षा मंत्रालय ने आयोजित किया था और यह G7 समिट से ठीक पहले हुआ, जो इसकी अंतरराष्ट्रीय अहमियत को और बढ़ाता है.
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