ट्रंप ने कहा कि अब हालात बदल गए हैं. पहले भारत अमेरिका का बहुत फायदा उठाता था. विस्तार से पढ़ें.![]()
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर पीएम मोदी की तारीफ के कसीदे पढ़े हैं. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील होगी. इसके साथ-साथ उन्होंने पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपना अच्छा दोस्त बताया.
बता दें, ट्रंप ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में मीडिया से भारत और अमेरिका दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों के हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं. उन्होंने आगे कहा कि सालों तक, भारत ने अमेरिका का फायदा उठाया. उन्होंने हमसे बहुत ज्यादा टैरिफ वसूले और कुछ भी पेमेंट नहीं किया. अब इसका ठीक उल्टा हो रहा है और हम भारत के साथ बहुत पैसा कमा रहे हैं, लेकिन हम एक डील करेंगे क्योंकि मुझे भारत के प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) बहुत पसंद हैं; वह मेरे अच्छे दोस्त हैं, और हमारी अच्छी बनती है. हमारे बीच अच्छे रिश्ते हैं.
इससे पहले मंगलवार (स्थानीय समयानुसार) को, अमेरिका ने दुनिया की बड़ी इकॉनमी पर 10 फीसदी के नए एक्स्ट्रा टैरिफ और 12.5 परसेंट की एक्स्ट्रा ड्यूटी लगाने का ऐलान किया. साथ ही, उसने दावा किया कि जांच से पता चला है कि 60 देशों से इंपोर्ट किया जा रहा सामान जबरदस्ती मजदूरी से बनवाया जा रहा है. यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) के ऑफिस ने भारत समेत 54 देशों की लिस्ट बनाई है, जिसके बारे में उसने दावा किया है कि वे जबरदस्ती मजदूरी से बने सामान के इम्पोर्ट पर रोक लगाने और उसे असरदार तरीके से लागू करने में नाकाम रहे हैं.
इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, इज़राइल, जापान, कतर और रूस जैसे देश शामिल हैं. लिस्ट में शामिल दूसरे देशों में सऊदी अरब, सिंगापुर, साउथ कोरिया, श्रीलंका; स्विट्जरलैंड, ताइवान, थाईलैंड, तुर्की यूएई, यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं. यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) के अनुसार, जिन इकॉनमी में पहले से ही किसी तरह की जबरदस्ती मजदूरी के इम्पोर्ट पर रोक है, या जिन्होंने ट्रेड एग्रीमेंट के जरिए ऐसे उपाय लागू करने का वादा किया है, उन्हें 10 फीसदी का एक्स्ट्रा टैरिफ देना पड़ सकता है. दूसरी इकॉनमी को 12.5 परसेंट एक्स्ट्रा ड्यूटी देनी पड़ सकती है.
प्रस्तावित कार्रवाई में एक टेक्सटाइल मैकेनिज्म भी शामिल है, जो कुछ अर्थव्यवस्थाओं से कुछ मात्रा में कपड़ों और टेक्सटाइल इंपोर्ट को कम सेक्शन 301 टैरिफ रेट पर अमेरिका में आने देगा. USTR के अनुसार, यह कार्रवाई 1974 के ट्रेड एक्ट के सेक्शन 301 के तहत आती है, जो 60 से ज्यादा इकॉनमी पर उनके कामों, पॉलिसी और तरीकों के खिलाफ कदम उठाने की इजाजत देता है, जो जबरदस्ती मजदूरी से बने सामान पर रोक लगाने और उसे लागू करने में नाकाम रहे हैं. इसे गलत और अमेरिका कॉमर्स पर बोझ बताया गया है.
USTR ने 6 इकॉनमी को जबरदस्ती मजदूरी से बने सामान के इम्पोर्ट पर रोक को ठीक से लागू करने में नाकाम रहने के लिए फ्लैग किया है. इनमें यूरोपियन यूनियन, पाकिस्तान और कनाडा शामिल हैं.
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