चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की तादाद बढ़ती जा रही है. जिसके बाद कैरिंग कैपेसिटी पर मंथन हुआ.![]()
रुद्रप्रयाग: चारधाम यात्रा मार्गों, विशेषकर केदारनाथ, हेमकुंड साहिब, गंगोत्री एवं यमुनोत्री ट्रैक की वैज्ञानिक वहन क्षमता (कैरिंग कैपेसिटी) के आकलन को लेकर बैठक में मंथन हुआ. भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) देहरादून द्वारा तैयार की गई ड्राफ्ट रिपोर्ट पर सुझाव एवं टिप्पणियां प्राप्त करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी कार्यालय में चर्चा की गई. बैठक में संस्थान के विशेषज्ञों ने केदारनाथ धाम यात्रा मार्ग की वैज्ञानिक वहन क्षमता निर्धारण संबंधी ड्राफ्ट रिपोर्ट का विस्तृत जानकारी दी.
बैठक में केदारनाथ धाम यात्रा से जुड़े स्थानीय हितधारकों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों, होटल व्यवसायियों, घोड़ा-खच्चर संचालकों, बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी), विभागीय अधिकारियों एवं अन्य संबंधित पक्षों ने सहभागिता करते हुए अपने सुझाव एवं विचार प्रस्तुत किए. इस अवसर पर जिलाधिकारी ने भारतीय वन्यजीव संस्थान की टीम से रिपोर्ट में शामिल विभिन्न मानकों, सर्वेक्षण प्रक्रिया तथा आंकड़ों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की. उन्होंने कहा कि अंतिम रिपोर्ट को अधिक यथार्थपरक, सटीक एवं व्यावहारिक बनाने के लिए सभी विभाग अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित नवीनतम आंकड़े एवं सूचनाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराएं.
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यात्रा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन व्यवस्था, स्वच्छता, आपदा प्रबंधन, आवासीय क्षमता एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं से संबंधित आंकड़े भारतीय वन्यजीव संस्थान को उपलब्ध कराए जाएं, ताकि अंतिम रिपोर्ट वास्तविक परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की जा सके. बैठक के दौरान विभिन्न हितधारकों ने सुझाव दिया कि स्थानीय अनुभवों, क्षेत्रीय आवश्यकताओं तथा जमीनी स्तर पर प्राप्त सुझावों को भी रिपोर्ट में स्थान दिया जाए.
इस पर भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञों ने बताया कि सभी हितधारक अपने सुझाव, टिप्पणियां एवं तथ्यात्मक आंकड़े जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से उपलब्ध करा सकते हैं. साथ ही यदि रिपोर्ट में किसी तथ्य अथवा आंकड़े के संबंध में संशोधन प्रस्तावित हो तो उसके समर्थन में प्रमाणित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए जा सकते हैं.
बैठक में भारतीय वन्यजीव संस्थान के विशेषज्ञ संतोषी राणा, रजत सिंह राणा एवं डॉ. तनवीक अहमद समेत जिला पंचायत सदस्य अमित मैखंडी, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ अनिल रावत, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राम प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, अधिशासी अभियंता डीडीएमए राजविंद सिंह, एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह, नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. इसके अतिरिक्त व्यापार संघ, होटल एसोसिएशन, घोड़ा-खच्चर एसोसिएशन एवं अन्य हितधारक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े.
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