उत्तराखंड में आज से शुरू होगी मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना, इन 33 सवालों के जवाब लेंगे प्रगणक

उत्तराखंड में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत 25 अप्रैल से मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का काम शुरू होगा.पढ़िए रोहित सोनी की रिपोर्ट.

देहरादून: उत्तराखंड में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत आज यानी 25 अप्रैल 2026 से मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना का काम शुरू होने जा रहा है. जिसके तहत प्रगणक घर-घर जाकर चिन्हित 33 सवालों का जवाब लेंगे और मौके पर ही एप्लीकेशन पर पूरी जानकारी को भरेंगे.

इससे पहले प्रदेश में स्वगणना की प्रक्रिया आज यानी 24 अप्रैल को संपन्न हो रही है. ऐसे में आगामी 25 अप्रैल से 24 मई तक चलने वाले जनगणना के पहले चरण के तहत होने वाले कार्य की क्या है तैयारियां, स्वगणना की प्रक्रिया के दौरान प्रदेश की जनता ने किस तरह से अपनी भागीदारी निभाई है, कर्मचारियों के चयन को लेकर क्या है स्थिति? इसकी पूरी जानकारी से आपको रूबरू करवाते हैं.

25 अप्रैल से मकान सूचीकरण एवं मकान के गणना का काम होगा शुरू: उत्तराखंड में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत 25 अप्रैल से मकान सूचीकरण एवं मकान के गणना का कार्य शुरू होने जा रहा है. जिसके मद्देनजर जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. राज्य को जिला और नगर निगमवार बांटकर, मकान सूचीकरण एवं मकान के गणना का कार्य किया जाएगा.

इसके लिए मैपिंग भी अलग-अलग की गई है. साथ ही जिला और नगर निगम के आधार पर हाउस लिस्टिंग ब्लॉक भी अलग-अलग तैयार किए गए हैं. जिसके पीछे की वजह यही है कि जिलों के जिलाधिकारी को नगर निगम के क्षेत्र को छोड़कर बाकी क्षेत्रों के लिए प्रमुख जनगणना अधिकारी और नगर आयुक्त को नगर निगम क्षेत्र का प्रमुख जनगणना अधिकारी बनाया गया है.

प्रदेश भर के सभी जिलों में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स की स्थिति-

  • अल्मोड़ा जिले में कुल 2,426 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 1,165 एन्यूमरेटर्स और 215 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  • बागेश्वर जिले में कुल 1,069 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 534 एन्यूमरेटर्स और 103 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  • चमोली जिले में कुल 1,465 हाउस लिस्टिंग बॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 916 एन्यूमरेटर्स और 177 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  • चंपावत जिले में कुल 903 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 459 एन्यूमरेटर्स और 81 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  • देहरादून जिले में कुल 1,951 हाउसलिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 1,737 एन्यूमरेटर्स और 311 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  • पौड़ी जिले में कुल 3,501 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 1,076 एन्यूमरेटर्स और 205 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  • हरिद्वार जिले में कुल 3,075 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 2,948 एन्यूमरेटर्स और 480 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  • नैनीताल जिले में कुल 1,767 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 1,299 एन्यूमरेटर्स और 239 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  • पिथौरागढ़ जिले में कुल 1,846 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 768 एन्यूमरेटर्स और 136 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  • रुद्रप्रयाग जिले में कुल 793 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 455 एन्यूमरेटर्स और 80 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  • टिहरी जिले में कुल 2,184 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 1,265 एन्यूमरेटर्स और 222 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  • उधम सिंह नगर जिले में कुल 2,636 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए है, जिसके लिए 2,548 एन्यूमरेटर्स और 434 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  • उत्तरकाशी जिले में कुल 950 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 724 एन्यूमरेटर्स और 135 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.

भारत में सबसे पहले जनगणा कब हुई थी? गौर हो कि भारत में सबसे पहले जनगणना साल 1872 में हुई थी. आजादी के बाद साल 1951 में पहली जनगणना संपन्न हुई थी. हालांकि, साल 2020 में कोरोना के दस्तक के चलते जनगणना 2021 नहीं की जा सकी. जनगणना 2027 भारत की 16वीं जनगणना और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना हैं. इसके साथ ही जनगणना 2027 में जातिगत जनगणना की जाएगी.

ये जनगणना कई मामलों से ऐतिहासिक एवं विशेष रहने वाला है, क्योंकि पहली बार पूरी जनगणना प्रक्रिया शत प्रतिशत डिजिटल माध्यम से की जाएगी. जनगणना कार्य पूरी तरह से मोबाइल एप्लिकेशन आधारित होगा. प्रगणक (Enumerator) और पर्यवेक्षक (Supervisor) अपने खुद के मोबाइल फोन के जरिए आंकड़ों को एकत्र करेंगें. साथ ही जनगणना के संचालन, पर्यवेक्षण और प्रबन्धन के लिए ‘जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली’ (CMMS Portal) का इस्तेमाल किया जाएगा.

क्या है हाउस लिस्टिंग ब्लॉक? हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (House Listing Block) जनगणना के पहले चरण में मकानों की गिनती और सूची तैयार करने के लिए एक प्रगणक (Enumerator) को आवंटित एक विशिष्ट भौगोलिक एरिया है. यह ब्लॉक करीब 150-180 परिवारों या इससे ज्यादा को कवर करता है, जिसका उद्देश्य ये सुनिश्चित करना होता है कि हर घर और परिवार को बिना किसी चूक के गिना जाए.

उत्तराखंड में जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना के लिए प्रदेश भर में कुल 29,567 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं. जिनको हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (HLBC) पोर्टल पर डिजिटली मैप किया गया है. जिसमें से 24,566 जिलों में और 5,001 नगर निगम क्षेत्रों में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स शामिल है.

वहीं, जनगणना के लिए जनगणना कार्य निदेशालय की ओर से कुल 20,859 एन्यूमरेटर्स (Enumerators) और 3,670 सुपरवाइजर्स (Supervisors) अपॉइंट किए गए हैं. एन्यूमरेटर्स और सुपरवाइजर्स की नियुक्ति के लिए प्रदेशभर में 27,006 लोगों को 555 ट्रेनिंग बैच बनाकर ट्रेनिंग दी गई है. जो मकान सूचीकरण एवं मकान के गणना का काम करेंगे.

प्रदेश भर के सभी नगर निगमों में हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स की स्थिति-

  1. देहरादून नगर निगम में कुल 1,948 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 1,948 एन्यूमरेटर्स और 339 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  2. ऋषिकेश नगर निगम में कुल 170 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 170 एन्यूमरेटर्स और 29 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  3. श्रीनगर नगर निगममें कुल 58 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 58 एन्यूमरेटर्स और 10 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  4. कोटद्वार नगर निगम में कुल 244 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 250 एन्यूमरेटर्स और 42 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  5. पिथौरागढ़ नगर निगम में कुल 143 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए है, जिसके लिए 143 एन्यूमरेटर्स और 23 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  6. अल्मोड़ा नगर निगम में कुल 89 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 72 एन्यूमरेटर्स और 12 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  7. हल्द्वानी नगर निगम में कुल 674 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 673 एन्यूमरेटर्स और 113 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  8. काशीपुर नगर निगम में कुल 317 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 317 एन्यूमरेटर्स और 60 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  9. रुद्रपुर नगर निगम में कुल 564 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 564 एन्यूमरेटर्स और 94 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  10. रुड़की नगर निगम में कुल 350 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 345 एन्यूमरेटर्स और 59 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.
  11. हरिद्वार नगर निगम में कुल 444 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक्स बनाए गए हैं, जिसके लिए 425 एन्यूमरेटर्स और 71 सुपरवाइजर्स तैनात किए गए हैं.

एक प्रगणक को करीब 150 से 200 घर अलॉट: दरअसल, जनगणना 2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान के गणना का कार्य 25 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है. इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर जनगणना करेंगे. इसके लिए चयनित प्रगणकों को करीब 150 से 200 घर अलॉट किए गए हैं. लिहाजा, अगले एक महीने के भीतर यानी 24 मई तक मकान की सूचीकरण एवं मकान की गणना का काम करना है.

क्या प्रगणकों को मिलेगी छुट्टी? जनगणना कार्य के दौरान प्रगणकों को रिलीव नहीं किया जा सकता है. हालांकि, ये जरूर है कि वो जरूरी कामों के लिए जा सकते हैं. जनगणना कार्य निदेशालय का मानना है कि जनगणना का कार्य पार्ट टाइम ड्यूटी है. लिहाजा, वो अपने अन्य कामों के साथ भी इस काम को भी आसानी से कर सकते हैं. क्योंकि, उन्हें इस काम को करने के लिए एक महीने का समय दिया जा रहा है.

उत्तराखंड में जनगणना के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना की प्रक्रिया शुरू होने से पहले जनता को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प दिया गया. 10 अप्रैल से शुरू हुए स्वगणना की प्रक्रिया आज यानी 24 अप्रैल को पूरी हो गई है. 24 अप्रैल की सुबह 10 बजे तक उत्तराखंड के कुल 62,626 परिवारों ने स्वगणना किया है.

उत्तराखंड राज्य में 62,626 परिवारों ने किया स्वगणना-

ऐसे में 25 अप्रैल से शुरू होने जा रहे मकान सूचीकरण एवं मकान की गणना के कार्य के दौरान, इन सभी परिवारों को घर आए प्रगणक को सिर्फ SE ID (Self Enumeration ID) देना होगा. ऐसे में जब प्रगणक अपने मोबाइल एप्लीकेशन में इस आईडी को डालेगा तो परिवार की ओर से भरी गई सभी जानकारियां उसे एप्लीकेशन में डाउनलोड हो जाएगी. जिसकी पुष्टि करने के बाद प्रगणक सबमिट कर देगा.

25 अप्रैल से प्रगणक डोर टू डोर जाएंगे और गणना करेंगें. इस दौरान तय 33 सवालों के जवाब को एप के जरिए भरेंगे. अगर किसी को कोई परेशानी होती है या फिर कुछ क्वेरी भी होती है तो वो टोल फ्री नंबर 1855 पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संपर्क कर सकते हैं.“- इवा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड

मकान सूचीकरण एवं जनगणना के कार्य के दौरान किसी भी तरह के डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं है. ऐसे में परिवार के मुखिया की ओर से जो भी जानकारी दी जाएगी, इस जानकारी को ही प्रगणक की ओर से भरा जाएगा.“- इवा आशीष श्रीवास्तव, निदेशक, जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तराखंड

प्रगणक को उपलब्ध कराएं सही जानकारी: जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव ने जनता से अपील करते हुए कहा कि ये जानकारी क्षेत्र के विकास की स्थिति को जानने के लिए काफी जरूरी है. ऐसे में वो सही जानकारी ही प्रगणक को उपलब्ध कराएं.

किसी परिवार नहीं मांगी जाएगी ओटीपी: घर-घर जाने वाले प्रगणक के पास जनगणना का निदेशालय का एक आईकार्ड भी होगा और जनगणना के दौरान कोई भी ओटीपी किसी भी परिवार से नहीं मांगी जाएगी. हालांकि, मोबाइल नंबर इसलिए मांगा जा रहा है कि अगर कभी किसी जानकारी की पुष्टि करनी हो तो आपसे संपर्क किया जा सके.