ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में बुजुर्ग महिलाओं की प्रमुख आवश्यकताओं को लेकर कराए गए सर्वे में बताया गया है कि 4330 महिलाओं को उम्र के इस पड़ाव में सुरक्षा की आवश्यकता है। जबकि सबसे अधिक 61258 महिलाओं को आर्थिक सहायता चाहिए।
प्रदेश में बुजुर्ग महिलाओं की स्थिति को लेकर महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में चौंकाने वाले तस्वीर सामने आई है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश की एक लाख 34 हजार से अधिक बुजुर्ग महिलाओं को सरकार की विभिन्न प्रकार की सहायता की जरूरत है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में बुजुर्ग महिलाओं की प्रमुख आवश्यकताओं को लेकर कराए गए सर्वे में बताया गया है कि 4330 महिलाओं को उम्र के इस पड़ाव में सुरक्षा की आवश्यकता है। जबकि सबसे अधिक 61258 महिलाओं को आर्थिक सहायता चाहिए।
इसके अलावा 27125 को पोषाहार, 11960 को खाद्य, 23643 को स्वास्थ्य एवं 6474 को आवास की जरूरत है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग का कहना है कि सर्वे के आधार पर जरूरतमंद बुजुर्ग महिलाओं को योजनाओं से जोड़कर उन्हें सुरक्षा, स्वास्थ्य के लिए जरूरी दवा, आर्थिक सहायता, पोषाहार और आवास उपलब्ध कराए जाने की दिशा में काम किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस सर्वे के जरिए बुजुर्ग महिलाओं की वास्तविक जरूरतों की पहचान कर उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे उनका जीवन स्तर सुधरेगा।
33722 बुजुर्ग महिलाएं नहीं ले रहीं कोई पेंशन
प्रदेश की 33722 बुजुर्ग महिलाएं किसी भी पेंशन का लाभ नहीं ले रही हैं। रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि 456 बुजुर्ग महिलाओं को परित्यक्ता, 71397 को वृद्धा, 1339 को दिव्यांग और 27896 को विधवा पेंशन मिल रही है।
प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से यह सर्वे कराया गया था, इसके आधार पर बुजुर्ग महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार के लिए सरकार की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
– रेखा आर्या, मंत्री महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग
You may also like
-
Aprilia SR 125 और SR 175 का Tribute Edition लॉन्च, जानें क्या है कीमत और फीचर्स
-
2 जुलाई को उत्तराखंड के 13 जिलों में होगी मानसून मॉक ड्रिल, 70 स्थानों पर परखी जाएंगी तैयारियां
-
VHP मार्गदर्शक मंडल की बैठक में लिए गए अहम फैसले, इन मुद्दों पर कानून बनाने की मांग
-
बहुराष्ट्रीय FMCG कंपनी पर लगा 3 लाख का जुर्माना निरस्त, ‘महा वैल्यू’ को झूठा-भ्रामक संदेश साबित नहीं कर पाया अभियोजन
-
पशुपालकों की आमदनी के खुलेंगे द्वार, उत्तराखंड बनने जा रहा देश का पहला राज्य