दीपावली में पटाखों की गूंज से काशीपुर में सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण हुआ। टिहरी की बेहरत स्थिति रही।
दीपावली में सबसे अधिक ध्वनि प्रदूषण काशीपुर में हुआ था। यहां पर 13 और 14 अक्तूबर को ध्वनि का स्तर था, उसकी तुलना में 20 और 21 अक्तूबर को 77 प्रतिशत तक की अधिक बढ़ोतरी हुई और वह चिंताजनक स्तर 119.68 डेसीबल पर पहुंच गया। सबसे बेहतर स्थिति टिहरी की रही है।
दूसरे नंबर पर सबसे अधिक शोर रुद्रपुर के आवास विकास में (114.33) डेसीबल रहा। यहां पर एक सप्ताह में ही ध्वनि प्रदूषण के स्तर पर 65 प्रतिशत तक बढ़ोतरी रिपोर्ट की गई है। तीसरे स्थान पर भी काशीपुर का एमपी चौक रहा। यहां पर 113.18 डेसीबल रिपोर्ट हुआ है।देहरादून में सबसे अधिक शोर घंटाघर, ऋषिकेश में नटराज चौक, हरिद्वार शिवालिक नगर, हल्द्वानी शीशमहल क्षेत्र में शहर में अन्य जगह की तुलना में अधिक शोर रिपोर्ट किया गया।
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