भीषण गर्मी के दौरान उत्तराखंड में पड़ेगा सूखा! पानी के लिए तरस सकती है 2.45 लाख आबादीदून में भीषण गर्मी के दौरान प्राकृतिक जलस्रोत एवं ट्यूबवेल का उत्सर्जन कम होने, पानी की खपत बढ़ने और बिजली ट्रिपिंग की समस्या अधिक होने से 2.45 लाख की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि जल संस्थान ने इन संभावित पेयजल समस्याग्रस्त इलाकों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। इससे उपभोक्ताओं को काफी हद तक सुविधा मिलेगी। वहीं, उपभोक्ताओं को भी पेयजल का दुरुपयोग न करने के लिए अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। शहर में जल संस्थान की पांच शाखाओं के माध्यम से शहर के 1.90 लाख घर और प्रतिष्ठान में पेयजल सप्लाई होती है, जहां 9.50 लाख की आबादी निवास करती है। सभी उपभोक्ताओं को पेयजल सप्लाई देने के लिए 20.71 करोड़ लीटर पेयजल की जरूरत है। जबकि जल संस्थान रोजाना 25.43 करोड़ लीटर पेयजल उत्पादन करता है। लिहाजा, फिर भी तमाम उपभोक्ताओं को रोज पानी नहीं मिल पाता और उन्हें पेयजल आपूर्ति के लिए पानी के टैंकर खरीदने पड़ते हैं। वहीं, आगामी मई-जून में भीषण गर्मी के दौरान घटने वाले पेयजल उत्सर्जन को लेकर लेकर जल संस्थान की चिंताएं अभी से बढ़ने लगी हैं। हाल ही में जल संस्थान की सभी शाखाओं ने अपने-अपने संभावित पेयजल समस्याग्रस्त क्षेत्रों की रिपोर्ट दी है। जिनमें भीषण गर्मी के दौरान उपभोक्ताओं काे पेयजल किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
सिर्फ 28 टैंकर से प्यास बुझाएगा जल संस्थान
शहर में 9.50 लाख से अधिक की आबादी को पेयजल सप्लाई होती है। जिसमें समस्याग्रस्त इलाकों में 1.75 लाख की आबादी है। पूरी आबादी को पानी पहुंचाने के लिए विभाग के पास सिर्फ 28 टैंकर है। जिसमें से विभाग के नौ और 19 टैंकर किराए पर लिए जाएंगे। अब सवाल उठता है कि सिर्फ 28 टैंकर इतनी बड़ी आबादी की प्यास कैसे बुझाएंगे।
You may also like
-
देहरादून में आज से शुरू हो रहा AIDEF का राष्ट्रीय अधिवेशन, आयुध फैक्ट्रियों के कॉरपोरेटाइजेशन का विरोध
-
हरिद्वार जिला जेल में हार्डकोर क्रिमिनल्स की मौज मस्ती खत्म, हाई सिक्योरिटी बैरक तैयार, 50 कैदी होंगे शिफ्ट
-
हरिद्वार में 4 अल्ट्रासाउंड सेंटर के लाइसेंस निरस्त, एक में सीलिंग के बाद गायब हुई मशीन, फर्जी डिग्री वाला डॉक्टर भी मिला
-
दून नगर निगम का नदियों को पुनर्जीवित करने का अभियान, 2 महीने में निकला 8 हजार मीट्रिक टन कचरा
-
रुद्रप्रयाग में चाइल्ड हेल्पलाइन ने बाल विवाह रुकवाया, अब 18 साल की उम्र में होगी शादी