उत्तराखंड में बीएड कॉलेजों में दाखिले अटके हुए हैं। सितंबर में प्रवेश परीक्षा होने के बावजूद काउंसलिंग शुरू नहीं हो पाई है। इससे छात्रों का भविष्य अधर में है और वे चिंतित हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है।
उत्तराखंड में बीएड (Bachelor of Education) पाठ्यक्रम में दाखिला प्रक्रिया इस बार अधर में लटकी हुई है। सितंबर में प्रवेश परीक्षा (B.Ed Entrance Exam) संपन्न हो जाने के बावजूद अब तक काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है, जिससे हजारों अभ्यर्थी असमंजस में हैं।
राज्य में बीएड प्रवेश परीक्षा का आयोजन कुमाऊं विश्वविद्यालय की ओर से किया गया था। परीक्षा परिणाम जारी हुए एक माह से अधिक हो चुका है, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से काउंसलिंग की तारीखों की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता
बीएड कोर्स में दाखिला लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों का कहना है कि हर साल अक्टूबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जाती थी, लेकिन इस बार देरी से न केवल सत्र प्रभावित होगा, बल्कि कॉलेजों की तैयारियों पर भी असर पड़ेगा।
हल्द्वानी की अभ्यर्थी कविता जोशी कहती हैं, “हमने सितंबर में परीक्षा दी थी, अब नवंबर आने वाला है। न काउंसलिंग की डेट आई है, न कोई सूचना — इससे पूरा सत्र पीछे खिसक जाएगा।”
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दी सफाई
कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि तकनीकी कारणों और प्रशासनिक प्रक्रिया में विलंब के चलते काउंसलिंग कार्यक्रम जारी नहीं हो सका। विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि “काउंसलिंग की तारीखें जल्द घोषित की जाएंगी, और कोशिश है कि नवंबर के पहले सप्ताह तक प्रक्रिया शुरू हो।”
सत्र प्रभावित होने की आशंका
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यदि काउंसलिंग में और देरी हुई तो बीएड का नया सत्र दिसंबर या जनवरी तक खिसक सकता है, जिससे शिक्षण संस्थानों में आगे की अकादमिक योजनाओं पर असर पड़ेगा।
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