धामी सरकार ने विकास, जनकल्याण और विभिन्न विभागों की जरूरतों के लिए अतिरिक्त बजट रखा; सदन में बजट पर चर्चा और विधायी कार्यवाही जारी।
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने 7,844 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया। इस बजट के जरिए सरकार चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करने की तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, युवा कल्याण, आपदा प्रबंधन और विकास से जुड़े क्षेत्रों को बजट में प्राथमिकता दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
विधानसभा सत्र में बजट के साथ कई विधायी प्रस्ताव भी चर्चा का विषय हैं। सदन में सरकार को विभिन्न योजनाओं और विभागों के खर्च से जुड़े सवालों का जवाब देना है। विपक्ष बेरोजगारी, महंगाई, कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग सकता है। सत्र में होने वाली चर्चा से यह स्पष्ट होगा कि अतिरिक्त धनराशि किन योजनाओं और विभागों के लिए किस तरह आवंटित की जाएगी।
अनुपूरक बजट का वास्तविक लाभ तभी दिखाई देगा, जब स्वीकृत राशि का समय पर और प्रभावी उपयोग हो। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रभावित इलाकों की जरूरतें लंबे समय से महत्वपूर्ण विषय रही हैं। आम लोगों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि बजट के प्रावधान जमीन पर कितनी तेजी से लागू होते हैं और इससे रोजगार, सार्वजनिक सेवाओं तथा स्थानीय विकास को कितना फायदा मिलता है।
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