ऊर्जा निगमों में समान काम का समान वेतन व्यवस्था को लागू कर दिया गया है. हालांकि अभी कर्मी नियमितीकरण की भी आस लगाए हुए हैं।![]()
देहरादून: प्रदेश में साल 2018 के दौरान हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश आज भी लागू नहीं किये जा सके हैं. स्थिति यह है कि सुप्रीम कोर्ट से भी सरकार की याचिका खारिज होने के बाद उपनल कर्मचारी कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए बाध्य है. लेकिन इस बीच ऊर्जा निगमो से उपनल कर्मचारी के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है.
दरअसल तीनों ही ऊर्जा निगमन ने अब उपनल कर्मचारी को समान काम का समान वेतन व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है. खास बात ये है कि इसके लिए आदेश भी जारी किए गए हैं. ऐसे में उपनल कर्मचारियो में खुशी का माहौल है और अब वह बाकी विभागों को भी नसीहत देते हुए दिखाई दे रहे हैं. उपनल कर्मचारियो का कहना है कि बाकी विभागों को भी ऊर्जा निगम से सीखना चाहिए और अपने कर्मचारियों को समान काम के बदले समान वेतन का लाभ देना चाहिए.
वो इस बात के लिए बेहद ज्यादा आभारी है कि ऊर्जा निगम ने कर्मचारी के दर्द को समझा है और उन्हें समान काम के बदले समान वेतन का लाभ देने का फैसला लिया है. इसका खासतौर पर प्रबंध निदेशक को भी उपनल कर्मचारियों ने धन्यवाद दिया है.
-विनोद कवि, अध्यक्ष, उपनल कर्मचारी संगठन (ऊर्जा निगम)
हालांकि अभी प्रदेश में कई विभाग ऐसे हैं जहां यह व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है. यह सब तब है जब हाईकोर्ट भी इस मामले में आदेश जारी कर चुका है और कोर्ट में आदेश का पालन नहीं किए जाने को लेकर कंटेंप्ट फाइल किया गया है.ऊर्जा निगमों में समान काम के बदले समान वेतन का लाभ पाने वाले कर्मचारियों की संख्या को लेकर बात करें तो इनकी तीनों ऊर्जा निगमो में कुल संख्या करीब 2612 है.
जिसमें सबसे ज्यादा कर्मचारी उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी यूपीसीएल में है, यहां कुल करीब 2000 कर्मचारी उपनल के तहत काम कर रहे हैं. इसी तरह करीब 112 कर्मचारी पिटकुल में हैं और 500 उपनल कर्मचारी यूज़ेवीएनएल में हैं. हालांकि उपनल कर्मचारी नियमितीकरण को लेकर अलार्म बंद है और अब उन्हें इस बात का इंतजार है कि समान काम के बदले समान वेतन मिलने के बाद उनके नियमितीकरण पर भी सरकार विचार करेगी.
You may also like
-
सप्ताहांत से पहले नैनीताल और मसूरी में बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही
-
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए मानसून के दौरान सतर्क रहने के निर्देश
-
प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड बनाने की अपील, पर्यटकों से जिम्मेदारी निभाने को कहा मुख्यमंत्री धामी ने
-
Ola Electric अपनाएगी डीलर-आधारित रिटेल मॉडल, अपने स्टोर चलाने के पांच साल बाद किया फैसला
-
पौड़ी हाट गांव शंकराचार्य निर्मित मंदिर की सुरक्षा पर सुनवाई, रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने टीएचडीसी से मांगा शपथ पत्र