हल्द्वानी-कालाढूंगी हाईवे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवती की जान चली गई, जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल हो गई। यह हादसा मंगलवार दोपहर करीब सवा तीन बजे भाखड़ा पुल के मोड़ के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने स्कूटी सवार दो युवतियों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए मौके पर पहुंचे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चकलुवा निवासी 20 वर्षीय भावना रावत अपनी स्कूटी (यूके 04 एपी 6596) से अपनी सहेली नेहा जोशी को उसके घर लामाचौड़ छोड़ने जा रही थी। जैसे ही वे भाखड़ा पुल के मोड़ के पास पहुंचीं, सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवतियां उछलकर सड़क पर जा गिरीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं।
स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कालाढूंगी पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद भावना रावत को मृत घोषित कर दिया, जबकि नेहा जोशी की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। नेहा का इलाज जारी है और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
कालाढूंगी थाना के एसएसआई पंकज जोशी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों युवतियां हेलमेट नहीं पहने हुए थीं, जिसके कारण उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। यदि वे हेलमेट पहने होतीं तो संभवतः इस हादसे में जान बचाई जा सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर किया है।
पुलिस ने हादसे में शामिल दोनों वाहनों को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटना के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया था, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सुचारु कराया।
मृतक भावना रावत चकलुवा स्थित एक फैक्ट्री में कार्यरत थी और अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभा रही थी। उसकी असमय मौत से परिवार में मातम छा गया है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं घायल नेहा जोशी के जल्द स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
यह हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही का एक और उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि सड़क पर थोड़ी सी असावधानी भी कितनी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। प्रशासन और पुलिस लगातार लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षा उपकरणों जैसे हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील कर रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सड़क पर सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
You may also like
-
टिहरी झील के 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र का बनेगा मास्टर प्लान, पर्यटकों के लिए जुटाई जाएंगी तमाम सुविधाएं
-
जलवायु परिवर्तन से उत्तराखंड में 2050 तक घट जाएंगे 70 फीसदी छोटे कृषि-वनीकरण क्षेत्र, अध्ययन में बड़ा खुलासा
-
मिजोरम में UKNA चीफ हाओकिप ज्वाइंट ऑपरेशन में पकड़ा गया
-
मोहब्बेवाला में फिर हुआ सड़क हादसा, इस बार गर्ल्स हॉस्टल में घुसा ट्रक, जानें दुर्घटना का कारण
-
Asian Games 2026: भारत का गोल्ड पर निशाना, शूटिंग में सुरुचि-कमलजीत की जोड़ी ने दिखाया दम