छात्रसंघ पदाधिकारियों का कहना है कि विवि की परीक्षा व्यवस्थाएं पटरी से उतर चुकीं हैं। कई छात्रों को परीक्षा में अनुपस्थित दिखाया गया है। जबकि छात्रों ने परीक्षा दीं हैं। कई छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं ठीक से नहीं जांची गई है।
श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा परिणाम में हो रहीं गलतियां और देरी पर आक्रोशित छात्रसंघ पदाधिकारियों, एनएसयूआई कार्यकर्ताओं व छात्रों ने पीएलएमएस परिसर के प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर करीब पांच घंटे तालाबंदी कर उग्र विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने किसी तरह आंदोलनकारियों को परिसर से बाहर किया। कुछ छात्रों को वाहनों में बैठाकर थाने ले गई।
छात्रसंघ पदाधिकारी, एनएसयूआई कार्यकर्ता व बड़ी संख्या में बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे छात्र पीएलएमएस परिसर के प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर एकत्रित हुए। छात्रों ने एनएसयूआई महानगर अध्यक्ष हिमांशु जाटव के नेतृत्व में मुख्य गेट पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हिमांशु जाटव ने कहा कि विवि की परीक्षा व्यवस्थाएं पटरी से उतर चुकीं हैं। कई छात्रों को परीक्षा में अनुपस्थित दिखाया गया है। जबकि छात्रों ने परीक्षा दीं हैं। कई छात्रों की उत्तर पुस्तिकाएं ठीक से नहीं जांची गई है। शिकायत करने के बाद भी विवि प्रशासन कमियों को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
छात्रसंघ सचिव अभिषेक कुमार त्रिसूलिया ने कहा कि परीक्षा परिणाम भी समय पर घोषित नहीं किए जा रहे हैं। अभी कई सेमेस्टरों के परिणाम घोषित नहीं हुए हैं। समय पर परीक्षा परिणाम घोषित न होने से छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन से वंचित हो रहे हैं।
प्रशासनिक भवन के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन कर रहे एनएसयूआई कार्यकर्ता और छात्र तब और उग्र हो गए जब मौके पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को हटाना शुरू कर दिया। कई छात्रों को जबरन उठाकर परिसर से बाहर किया गया और कुछ को थाने भी ले जाया गया, जिससे छात्रों में आक्रोश बढ़ गया। एनएसयूआई महानगर अध्यक्ष ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई उनके अधिकारों का हनन है। परिसर में पुलिस बुलाना गलत है।
नवंबर में हुई परीक्षा, अभी तक नहीं आए परिणाम
हिमांशु जाटव ने बताया कि बीबीए और बीसीए की परीक्षाएं नवंबर और दिसंबर में आयोजित की गई थी लेकिन अभी तक परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। विवि ने स्क्रूटनी का शुल्क भी प्रति विषय तीन हजार रखा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों पर भारी पड़ रहा है।
ये हैं प्रमुख मांगें
– सहायक परीक्षा नियंत्रक पूर्व की भांति सप्ताह में दो दिन परिसर में बैठे
– परीक्षा परिणाम समय पर जारी किया जाए
– परीक्षा परिणाम में हुई त्रुटियों को जल्द ठीक किया जाए
– स्क्रूटनी का शुल्क प्रति विषय एक हजार किया जाए
दो घंटे थाने में रखा छात्र नेताओं को
महानगर अध्यक्ष हिमांशु जाटव ने बताया कि शांति पूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की गई। उन्हें और छात्रसंघ सचिव अभिषेक कुमार त्रिसूलिया, छात्रसंघ उपाध्यक्ष आयुष तड़ियाल, छात्र नेता मानव रावत व गौरव जोशी को पुलिस थाने ले गई। करीब दो घंटे बाद छोड़ा गया।
You may also like
-
Dehradun: जेन-जी बार में विवाद के बाद एक्शन में पुलिस, अब सीधी निगरानी में रहेंगे दून के 14 होटल, पब और बार
-
Uttarakhand: शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार 2025; प्रदेश के 19 शिक्षकों का हुआ चयन, यहां देखें पूरी सूची
-
Kedarnath Heli Seva: सक्रिय हुए साइबर ठग, हेली टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़े से बचने के लिए एडवाइजरी जारी
-
Haridwar News: संदिग्ध परिस्थितियों में कमरे में मृत मिला ग्रामीण, पत्नी पर हत्या करने का आरोप
-
UK Congress: पांच दिन तक उत्तराखंड का दौरा करेंगी कांग्रेस प्रभारी सैलजा, संगठनात्मक रणनीति पर होगी चर्चा