Air Force exercise at Chinyalisaur Airport in Uttarkashi उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर रौनक बढ़ने वाली है. पहली अप्रैल से वायुसेना के विमान यहां लैंडिंग और टेक ऑफ का अभ्यास करने वाले हैं. दो चरण में दस दिन चलने वाले इस अभ्यास में पहली बार उत्तर प्रदेश के गोरखपुर एयरबेस से विमान पहुंचेंगे. आगरा एयरबेस से भी 7 पायलट विमानों के साथ चिन्यालीसौड़ा पहुंचेंगे.
चीन सीमा से लगे उत्तरकाशी जनपद के चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर वायुसेना ने सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। अभ्यास के पहले दिन वायुसेना के परिवहन विमान सी-295 ने दो बार सफल लैंडिंग की। सूत्रों की मानें तो यह सैन्य अभ्यास चार से पांच दिनों तक चलेगा।
चीन सीमा से लगे उत्तरकाशी जनपद में सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर वायुसेना ने एक बार फिर सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है।
सोमवार को अभ्यास के तहत पहले दिन हवाई अड्डे पर वायुसेना के परिवहन विमान सी-295 ने दो बार सफल लैंडिंग की। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह सैन्य अभ्यास चार से पांच दिनों तक चलेगा।
बता दें कि सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होने के चलते चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर वायुसेना समय-समय पर अपने विमानों की लैंडिंग व टेक-आफ का अभ्यास करती रहती है। इसी क्रम में सोमवार को वायुसेना ने यहां कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच अपना अभ्यास शुरू किया है।
जानकारी के अनुसार इस अभ्यास के तहत परिवहन विमान सी-295 ने पहला चक्कर दोपहर 3:20 बजे हवाई पट्टी पर पहुंचकर पूरा किया, जबकि दूसरा चक्कर 3:50 बजे संपन्न हुआ।
माना जा रहा है कि यह अभ्यास सीमावर्ती एवं पर्वतीय क्षेत्रों में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए किया जा रहा है, जिससे विपरीत परिस्थितियों में वायुसेना पूरी क्षमता व मजबूती के साथ काम कर सके।
You may also like
-
प्रदेश सरकार की विफलताओं, प्रत्येक स्तर पर व्याप्त व्यापक भ्रष्टाचार एवं जनविरोधी नीतियों के विरोध में 16 फरवरी, 2026 को
-
देहरादून: भरे बाजार में युवती की हत्या से मची सनसनी, धारदार हथियार से काटी गर्दन,पुलिस सख्ती दिखाती तो नहीं होती वारदात!
-
तेज की जाए पदक विजेताओं को नौकरी देने की प्रक्रिया : रेखा आर्या
-
देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और अनाथ बालिकाओं को शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है
-
छात्रों व शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे चैटबॉट व ई-सृजन प्लेटफार्म