प्रदेश में भूमि पूलिंग नियमावली 2025 को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। जमीन के बदले विकसित जमीन और मालिक को आजीविका भत्ता भी सरकार देगी।
उत्तराखंड सरकार अब सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए जमीन के बदले विकसित जमीन और मालिक को आजीविका भत्ता भी देगी। बुधवार को धामी कैबिनेट ने भूमि पूलिंग नियमावली 2025 पर मुहर लगा दी। इसके तहत जमीन लेकर प्राधिकरण विकसित करेंगे। उसका एक हिस्सा मालिक को लौटा देंगे और बाकी को बेचा जा सकेगा।
अभी तक प्रदेश में भूमि अधिग्रहण की जो परंपरागत प्रक्रिया है, उसकी जगह भूमि पूलिंग से साझेदारी आधारित विकास मॉडल तैयार होगा। इसमें जमीन का मालिक अपनी जमीन देकर बदले में विकसित प्लॉट और आर्थिक लाभ ले सकेंगे। इस नीति के तहत भूमि मालिक स्वेच्छा से अपनी भूमि को सरकार या प्राधिकरण को विकास के लिए सौंपेंगे।
You may also like
-
प्रदेश सरकार की विफलताओं, प्रत्येक स्तर पर व्याप्त व्यापक भ्रष्टाचार एवं जनविरोधी नीतियों के विरोध में 16 फरवरी, 2026 को
-
देहरादून: भरे बाजार में युवती की हत्या से मची सनसनी, धारदार हथियार से काटी गर्दन,पुलिस सख्ती दिखाती तो नहीं होती वारदात!
-
तेज की जाए पदक विजेताओं को नौकरी देने की प्रक्रिया : रेखा आर्या
-
देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और अनाथ बालिकाओं को शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है
-
छात्रों व शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे चैटबॉट व ई-सृजन प्लेटफार्म
