जलविद्युत के साथ सौर ऊर्जा में भी उत्तराखंड ने अपनी पहचान बनाई है। 25 साल में जल विद्युत उत्पादन बढ़ा है। राज्य स्थापना के समय 992 मेगावाट का जल विद्युत उत्पादन 1440 मेगावाट पर पहुंचा।
उत्तराखंड राज्य स्थापना से लेकर आज तक एक ओर जहां जल विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में निरंतर प्रगति हुई है तो सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। उत्तराखंड में ऊर्जा के 25 साल जहां सकारात्मक तरक्की की ओर कदम बढ़ाने वाले रहे तो वहीं पर्यावरणीय कारणों से चुनौतियां भी कम नहीं रही। आने वाले समय में निश्चित तौर पर सौर ऊर्जा, जल विद्युत परियोजनाओं के साथ ही कोयला आधारित ऊर्जा उत्पादन से उत्तराखंड ऊर्जा क्षेत्र में देश के सरप्लस राज्यों में शुमार हो सकता है।
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