बच्चों के बीच हैंड फुट माउथ डिजीज (एचएफएमडी) तेजी से फैल रही है। बुखार गले में दर्द और शरीर पर फफोले इसके मुख्य लक्षण हैं। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह कॉक्ससैकी वायरस से होता है और तेजी से फैलता है इसलिए बचाव जरूरी है। स्कूलों ने भी अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की है और लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी है।
शहर में छोटे बच्चों के बीच हैंड, फुट, माउथ डिजीज (एचएफएमडी) तेजी से फैल रही है। बुखार, गले में दर्द और शरीर पर फफोले जैसे लक्षणों के साथ यह बीमारी बच्चों को परेशान कर रही है।
बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह बीमारी कॉक्ससैकी वायरस से होती है और एक बच्चे से दूसरे में बहुत तेजी से फैल जाती है। यही वजह है कि अस्पतालों में रोजाना इसके मरीज बढ़ रहे हैं और कई स्कूलों ने भी अभिभावकों के लिए सर्कुलर जारी किया है।
मुख्य लक्षण
- अचानक तेज बुखार आना
- गले में दर्द और खाना खाने में तकलीफ़
- मुंह के भीतर और बाहर छाले या दाने
- हाथ और पैरों पर फफोलेदार दाने
- शरीर में कमजोरी व चिड़चिड़ापन
बचाव ही सबसे बड़ा उपाय
- लक्षण दिखते ही बच्चे को तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
- कम से कम एक सप्ताह तक बच्चे को घर में आइसोलेट रखें।
- बच्चों को तरल पदार्थ और फल ज्यादा दें ताकि उनकी इम्युनिटी बनी रहे।
- बार-बार हाथ धोएं और मास्क पहनने की आदत डालें।
- दूषित वस्तुओं और अस्वच्छ खानपान से बचें।
कब करें डॉक्टर से संपर्क?
वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल कौशिक के अनुसार अगर बच्चे को लगातार बुखार बना रहे, दाने और फफोले बढ़ते जाएं या बच्चा खाना-पीना छोड़ दे, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। समय रहते इलाज होने पर यह बीमारी 6-7 दिनों में ठीक हो जाती है और जटिलता का खतरा नहीं रहता।
स्कूलों ने भी जारी किया अलर्ट
शहर के कई निजी स्कूलों ने अभिभावकों को सर्कुलर भेजकर अपील की है कि अगर बच्चे में बुखार, छाले या दाने जैसे लक्षण दिखें तो उसे स्कूल न भेजें। विशेषज्ञों का कहना है कि एक संक्रमित बच्चा कई अन्य बच्चों को संक्रमित कर सकता है, इसलिए रोकथाम बेहद जरूरी है। बताया कि छह साल से कम उम्र के बच्चे एचएफएमडी की चपेट में जल्दी आते हैं। वयस्कों में इसके फैलने की संभावना बहुत कम रहती है।
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